मुंबई के लोकल ट्रेन को शहर का लाईफलाईन कहा जाता है। व्यस्ता के बीच भी शहर के निवासियों एक-दूसरे की सहायता करने से पीछे नहीं हटते हैं।

28 सितंबर को एक स्थानीय ट्रेन चालक ने जब उन्होनें ट्रैक के बीच फसे घायल व्यक्ति को देखा तब उन्होनें अपनी ट्रेन को रोक कर पीड़ित आदमी को उस मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने में मदद की।

उस दिन ट्रेन चालक पीडी लोकी हर दिन की तरह ट्रेन चला रहे थे और उन्होंने ठाणे में दिवा स्टेशन पार कर लिया था जब उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति दो पटरियों के बीच फसा हुआ था। उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोक दिया और गार्ड एम डी आलम को सूचित किया। दोनों ने घायल व्यक्ति को एक विपरीत दिशा में जाने वाली ट्रेन पर चढ़ाने में मदद की। लोकी के सहज कार्यवाही के कारण, व्यक्ति समय पर अस्पताल पहुंच सका और उसकी जान बच गई।

घायल व्यक्ति की पहचान अंधेरी (पश्चिम) के निवासी पंकज मौर्य के रूप में हुई। जब यह दुखद घटना हुई तो वह कार्यालय जा रहे था तभी वह दो रेलवे पटरियों के बीच फंस गए। वह घंटों तक ट्रैक पर फंस रहे तब लोकी उनकी मदद के लिए सामने आए।

पीडी लोकी और एमडी आलम ने ऐसा करके इंसानियत की एक मिसाल कायम की। यह मानवता का एक निःस्वार्थ कृत्य था। आज के समय में पीडी लोकी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गए है।

केंद्रीय रेलवे के प्रवक्ता सुनील ने कहा कि रेलवे को लोकी और आलम द्वारा किए गए कार्यों पर गर्व है और सरकार से इनाम के लिए उनके नामों को नामांकित करने के लिए व्यवस्था की जा रही है। उन्होने कहा कि प्रशंसा आवश्यक है क्योंकि वह दोनों को आगे ऐसे कार्यों को जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा और अन्य भी उनके जैसे अच्छे नाम प्राप्त करना चाहेंगे।

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