तीन साल पहले, 28 वर्षीय दिल्ली निवासी सरवजीत सिंह पर कथित व मौखिक उत्पीड़न के मामले में आरोप लगाया गया था। इसके बाद उनके नाम के साथ पर “ईव-टीज़र” का टैग जुड़ गया था। तीन साल बाद भी सरवजीत सामान्य जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहे है। उनके पास स्थायी नौकरी नहीं है क्योंकि उन्हें बार-बार अदालत और पुलिस स्टेशन जाना पड़ता है। जबकि शिकायतकर्ता, जसलीन कौर ने अब तक किसी भी सुनवाई में उपस्थित नही रही है। घटना 2015 की हैं। जसलीन कौर के फेसबुक पोस्ट के बाद सरवजीत को सोशल मीडिया और टीवी न्यूज चैनलों पर सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया गया था।

सेंट स्टीफेंस कॉलेज के पूर्व छात्रा जसलीन कौर ने एक फेसबुक पोस्ट में सरवाजीत पर पश्चिम दिल्ली में तिलक नगर पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया था। Source : The Print

इसके बाद लोकप्रिय वेबसाइटों, सोशल मीडिया पेजों और न्यूज आउटलेट्स ने बिना सरवजीत की तस्वीर को धुंधला किए और बिना थोस सबूत के ही खबर प्रकाशित कर दिया। दावे का समर्थन में न तो कोई वीडियो था और न ही कोई निश्चित तस्वीर।
बात फैली और मीडिया चैनलों समेत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी महिला की बहादुरी की सराहना की। दिल्ली पुलिस ने एक दिन में सरवजीत को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, गिरफ्तारी से पहले, सरवजीत ने जैसलिन के फेसबुक पोस्ट के कमेंट खंड में अपने पक्ष की कहानी रखी जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। Source: The Print

लॉजिकल इंडियन को दिए गए एक इंटरव्यू में सरवजीत ने बताया, “वह मेरे लिए एक अजनबी थी, उस दिन हमारे बीच मामूली बहस हुई, मैंने मौखिक या शारीरिक रूप से उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।”
“जब मैं सिगनल से जा रहा था, जब महिला मेरी तस्वीरें लेने लगी, तो मैने पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रही है, जिस पर उसने जवाब दिया कि वह पुलिस के पास जाएगी। “उस समय मुझे उससे कुछ भी कहना नहीं था, एक बहुत ही रिफ्लेक्स एक्शन में, मैंने उसे कहा कि वह जो करना चाहती हैं कर सकती हैं और वहां से चला गया।”

घटना के दौरान विश्वजीत सिंह भी वहीं मौजूद थे जो गवाह के रूप में सरवजीत के समर्थन में आए। गवाह ने दावा किया कि जसलीन ने ही पहले सरवजीत के साथ दुर्व्यवहार किया था।

द प्रिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तीन साल बाद भी उनके मामले पर सुनवाई में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि शिकायतकर्ता जसलीन कौर ने इस मामले में अब तक 13 सुनवाई में से एक भी सुनवाई में नहीं मौजूद रही है। प्रिंट से बात करते हुए सरवजीत कहते हैं, “हर बार जब मैं सुनवाई के लिए अदालत में जाता हूं, तो वह मेरा नाम बुलाते हैं, मैं हाथ उठाता हूँ और वह मेरा नाम लिखते हैं। फिर वे पूछते हैं कि शिकायतकर्ता आई है या नहीं। महिला के अनुपस्थिति के कारण, एक और तारीख दी जाती हैं। यह पिछले तीन सालों से हो रहा है। ” हर बार जब अदालत ने पूछा कि शिकायतकर्ता क्यों मौजूद नहीं है, तो महिला के पिता अदालत से कहते हैं कि वह पढ़ाई करने कनाडा गई है।

सरवजीत कहते हैं कि पिछले तीन सालों में, हर बार जब भी उन्हें शहर छोड़ने की जरूरत होती है, तो उन्हें एक पुलिस स्टेशन में जाना होता है। उनके पास कोई स्थाई नौकरी भी नहीं हैं। घटना के तुरंत बाद, जिस कंपनी में वह काम करते थे, उसने सरवजीत को कंपनी का नाम खराब होने का हवाला देकर, जाने को कहा।

मामले के सामने आने के बाद अभिनेत्री, सोनाक्षी सिंहा और ‘टाइम्स नाउ’ के ऐंकर ने सरवजीत से माफी मांगी।

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