राजकुमार राव फिल्म उद्योग के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं। उन्होनें ‘न्यूटन’, ‘क्वीन’, ‘शाहिद’ और ‘ट्रैपड’ जैसी परिष्कृत फिल्मों के साथ सफलता के के नए मुकाम हासिल किए। हर अभिनेता की तरह, उन्हें भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन्होंने बहुत संघर्ष किया। उन्होंने ‘न्यूटन’ के लिए IIFA में हालिया ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ पुरस्कार सहित कई प्रशंसाएं जीती हैं। चलिए उनके संघर्ष से स्टारडम तक की यात्रा पर नज़र डालते हैं।

‘हुमंस ऑफ़ बॉम्बे ‘ के साथ हाल के इंटरव्यू में अभिनेता ने अपने संघर्ष के दिनों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा: “मुंबई आने के बाद मुझे बहुत काम नहीं मिला। शुरुआत में मैंने यहां केवल छोटे विज्ञापन किए हैं। जिन चीजों को आप याद नहीं करेंगे। मैंने लगभग 10,000 रुपए प्रति महीना कमा लेता था, लेकिन फिर भी, ऐसे दिन थे जब मेरे पास पैसे नहीं होते थे, और मैं अपने दोस्तों से उनका खाना शेयर करने को कहा करता था। ”

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इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वह हमेशा शाहरुख खान के बड़े प्रशंसक रहे है। उन्होनें कहा “बचपन से ही, मैं शाहरुख सर से प्रभावित था, मैं उनके पोस्टर्स को देखकर सोचता था कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति इतना बड़ा स्टार बन सकता है, तो शायद मेरे लिए भी आशा हैं। हालांकि, मुंबई आने के बाद मुझे काम नहीं मिला। मुझे केवल छोटे-छोटे काम मिले- मैं किसी समाचार पत्र विज्ञापन में खड़ा 10 वां व्यक्ति था!”

“वापस जाने का विकल्प नहीं था। मैं लगातार ऑडिशन की तलाश में रहता था, मैने अनगिनत कास्टिंग डायरेक्टरों से मुलाकात की। वे मुझे छोटी भूमिकाओं के लिए बुलाया करते थे और जब मैं उन्हें बड़े हिस्सों के लिए ऑडिशन देने के लिए मनाने की कोशिश करता, मुझे मना कर दिया जाता था। लेकिन मैने हार नहीं मानी। मैं लगातार अतुल मोंगिया के टच में रहता था जब उन्होनें अंततः मुझे ‘लव सेक्स और धोखा’ के लिए ऑडिशन के लिए बुलाया। एक हफ्ते होने के बाद जब मुझे कॉल नहीं आया तब मैने खुद से सवाल किया ‘क्या वे फोन करेंगे?’ उस वक्त मुझे लगा कि मैंने जो कुछ भी काम किया वह सब खत्म हो गया। मैं घर पर था जब मेरे पास मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कॉल आया। शब्द थे, ‘हो गया, आपको फिल्म मिल गई!’ मैं अपने घुटनों पर गिर गया, रोया और अपनी माँ को कॉल किया। फिल्म रिलीज हुई और वह तब कई दरवाजे खुल गए “।

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‘लव, सेक्स और धोखा’ ने उन्हें प्यार, प्रशंसा और अधिक अवसर प्राप्त कराए। उनके लिए ‘स्टैंडआउट पल’ ‘क्वीन’ के सेट पर था जब वह आखिरकार किंग खान से मिले। वह कहते है, ” मैं मेहबूब में शूटिंग कर रहा था जब मैने सुना कि शाहरुख सर भी वहां थे। तो मैंने सोचा कि यह मेरा मौका था-शायद मैं उनसे मिल सकता था। मैंने एक संदेश भेजा- मुझे नहीं लगता था कि वह मुझे जानते होगे, लेकिन उन्होने मुझे अपने ट्रेलर पर बुलाया। वह मेरे बारे में सब जानते थे! उन्होने मुझे इतना खास महसूस किया- मैं पहले से ही एक प्रशंसक था, लेकिन उस दिन मैं शायद उनका सबसे बड़ा फैन बन गया था। मैं घबराया हुआ था, और पूरे भय में था। मैंने कई बार उनके पोस्टर्स से बात की और अब वह मेरे सामने थे। मैं यह नहीं समझा सकता कि उस समय मुझे कैसा महसूस हुआ। ”

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“विडंबना यह है कि शुरुआत में जो लोग मुझे मुख्य भूमिका के लिए रूचि नहीं रखते थे-आज मुझे फिल्मों में काम करने को कहते हैं। मैं वही अभिनेता हूं, वही व्यक्ति हूं, लेकिन अब मुझे भूमिकाएं दी जाती हैं। मैंने अपने शिल्प में विश्वास किया है, तब भी जब चीजें अच्छी तरह से नही चल रही थी। याद रखें, इससे फर्क नहीं पड़ता कि कोई आपके बारे में क्या कहता है, कोई भी आप पर विश्वास नहीं करेगा, जिस तरह से आप खुद पर कर सकते हैं। इसलिए मेहनत करें और ब्रह्मांड को बाकी का काम करने दें। “

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