Home Business दादाजी के गैराज से 20,000 वर्ग फुट कैंपस तक का सफर

दादाजी के गैराज से 20,000 वर्ग फुट कैंपस तक का सफर

98
0

“मैं ग्रेजुएशन से पहले अपने बैंक खाते में 10 लाख चाहता था, और अब मेरे पास वह हैं।”

19 साल की उम्र में, जहां ज्यादातर लोग कॉलेज में पढ़ाई करने और नेटफ्लिक्स शो देखने में अपना समय बिताया करते हैं, करण के अंडर तीन 18 वर्षीय और 2 एमबीए काम कर रहे थे।

अपने दादा के गैराज में काम करने से, 20,000 वर्ग फीट कैंपस के मालिक होने तक, करण शाह ने यह बहुत कुछ किया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एजुकेशन (आईआईडी) के संस्थापक और सीईओ ने 20 साल की उम्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ भारत में डिजिटल शिक्षा के विकास में योगदान देने की पहल शुरु कर दी थी।

एनएमआईएमएस कॉलेज में बिजनेस डिग्री की पढ़ाई करते हुए उन्होंने एडेलवाइस ब्रोकिंग लिमिटेड में एक सेल्स इंटर्न के रूप में शुरुआत की। एडेलवाइस के शाखा प्रबंधक के मार्गदर्शन में, करण ने शेयर बाजार में उनकी रुची देखी। उनके शाखा प्रबंधक ने करण के दोस्तों को भी काम सिखाया।

हालांकि, एक लोकप्रिय डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी, सोशल किनेक्ट में काम करना शुरू करने के बाद करण का झुकाव शेयर बाजार से डिजिटल मार्केटिंग में बदला। 21 साल की उम्र में, उन्होंने सोशल किन्टेक्ट छोड़ दिया और साथ ही उनके दो अन्य मित्रों ने ‘गुड लाइफ एजुकेशन’ शुरू किया जिसने कॉलेज के छात्रों को शेयर बाजार और डिजिटल मार्केटिंग की जाया करती थी। गुड लाइफ एजुकेशन की शुरुआत करण के दादाजी के गेराज में हुई थी। भारत में डिजिटल शिक्षा करण का सपना था और कई कठिनाईओं के बावजूद उन्होंने निरंतर अपने लक्ष्य की ओर अपने कार्य को जारी रखा। 2016 में, ‘गुड लाइफ एजुकेशन’ ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एजुकेशन (आईआईडी)’ बन गया।

जय हिंद कॉलेज में एक और परिसर के अलावा, आईआईडी अब 20,000 वर्ग फुट परिसर है। प्रति वर्ष 30-40 छात्रों से, अब उनके पास 4500 छात्र हैं जिन्हें डिजिटल मार्केटिंग में प्रमाणित किया गया है।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here