16 साल की उम्र में घर-घर जाकर कलम बेचने वाला, आज करोड़ों के सफल बिज़नेस का मालिक हैं। गुरुग्राम के अमित डागा ने अपने बुलंद हौसले और पक्के इरादे से महज 8000 रुपये से शुरू एक कंपनी को आज कर 500 करोड़ का बना दिया हैं। यहीं नही, उनकी कंपनी आज कई लोगों को रोजगार भी दे रही हैं। तो आखिर कैसे करोड़पति बनी 8000 रुपये की कंपनी? जानिए कलम बचने से करोड़पति बनने का अमित डागा का अद्भुत कहानी।

16 साल की छोटी उम्र में ही अमित डागा ने अपना करियर एक सेल्समैन के तौर पर शुरू कर दिया था। घर-घर पेन बेचकर वह जो पैसे कमाते थे, उसमे से अपने खर्च के बाद, बचे हुए पैसे को वह अलग संभाल कर रख देते थे। ऐसा करके उन्होनें तीन साल में कुल 8000 रूपए बचा लिए थे।

घर-घर जाकर और ग्राउंड जीरो से काम करके जब अमित की बाजार को अच्छी समझ हो गई, तब उन्होनें अपना कारोबार शुरू करने का सोचा। कारोबार शुरू करने के लिए, उनकी तीन साल की कुल बचत 8000 रूपए बहुत ही छोटी राशी थी। इसके बाद भी, 19 साल की उम्र में अमित ने नौकरी छोड़ दी और अपना काम शुरू करने के फैसले किया। इसके कुछ दिनों बाद, 1999 में अमित ने DBM मार्केटिंग नाम से एक कंपनी रजिस्टर करवाई और अपना कारोबार शुरू कर दिया।

 

अपने मेहनत से बहुत ही छोटे स्तर से धीरे-धीरे अमित ने DBM मार्केटिंग का काम बढ़ाना शुरू किया। बाजार की अच्छी समझ होने के कारण वह पार्कर पेन और कॉर्पोरेट पर अपने फोकस केंद्रित रखते थे। इस वजह से उनका काम अच्छे से चलता रहा। 2007 में, करीब 8 साल बाद अमित की DBM मार्केटिंग एक लिमिटेड कंपनी के रूप में रजिस्टर हुई। काम बढ़ने पर अमित के चुनौतिया भी बढ़ने लगी। इन मुश्किलों का सामना करने के लिए, अमित ने IMT गाजियाबाद से MBA किया। इसके बाद उनके कारोबार में बहुत बढ़ोत्तरी हुई।

ऑनलाइन मार्केट में तेजी देखते हुए अमित ने भी अपनी कंपनी को ऑनलाइन मार्केट फ्रेंडली बना दिया। उन्होंने ‘डील क्या है’ नाम की वेबसाइट शुरू की और वेबसाइट के जरिए मल्टीनेशनल और ब्रांडेड कंपनियों पर ही ध्यान केन्द्रित किया। इसके बाद उनके तरक्की के रास्ते खुल गए। लोग उन्हें पहचानने लगे और कई जगहों से उन्हें बिजनेस लेक्चर देने के लिए बुलाया जाने लगा। डील क्या है डॉट कॉम पर कलम के शौक़ीन लोग ज्यादा मात्रा में कलम डिस्काउंट रेट पर खरीद सकते हैं। उनके वेबसाइट पर करीब 8 ब्रांड्स उपलब्ध हैं।

आज हर महीने उनकी कंपनी ऑनलाइन सेल के जरिये 40 से 50 करोड़ रुपये का व्यापार कर रही है और गुरुग्राम में आज उनका बड़ा अॉफिस हैं। यहीं नही, आज उनकी कंपनी 500 से अधिक लोगों को रोजगार के साधन दे रही है।

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